You are currently viewing दिल्ली कोर्ट मामला:कौन था जितेंद्र  गोगी और कैसे बन गया  दिल्ली-एनसीआर का बड़ा गैंगस्टर

दिल्ली कोर्ट मामला:कौन था जितेंद्र गोगी और कैसे बन गया दिल्ली-एनसीआर का बड़ा गैंगस्टर

अपराधिक घटनाओं की राजधानी बन चुकी दिल्ली मे अपराधियों का मनोबल किस कदर बढ़ गया है इसका जीता जागता उदाहरण है रोहिणी कोर्ट रूम में गैंगवार। शुक्रवार को इसी कोर्ट में जज के कमरे से महज कुछ दूर पर पेशी के लिए जा रहे दिल्ली एनसीआर का बड़ा गैंगस्टर 30 वर्षीय जितेंद्र गोगी को गोलियों से भून दिया। – आज हम आपको बता रहे हैं कौन है जितेंद्र गोगी और कैसे आया वह अपराध की दुनिया में…

नई दिल्ली(विशेष संवाददाता)
दिल्ली का सबसे बड़ा गैंगस्टर जितेंद्र गोगी शुक्रवार को उस समय मारा गया जब रोहिणी कोर्ट में उसे पेशी के लिए लाया जा रहा था ।कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अपराधियों के इस हत्याकांड के दुस्साहस की सर्वत्र चर्चा हो रही है ।हालांकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावरों को भी मार गिराने में सफलता प्राप्त कर ली।

जेल से ही चलाता था गैंग, दुबई के कारोबारी से मांगी थी 5 करोड़ रंगदारी
मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में टॉप पर रह चुका गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी (30) तिहाड़ जेल से दुबई के कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की वजह से भी सुर्खियों में था। वह जेल से ही रंगदारी, फिरौती के लिए अगवा करने और सुपारी लेकर मर्डर करने का काला कारोबार जारी रखा था।

पुलिस कस्टडी से 3 बार हो चुका था फरार

जितेंद्र गोगी 3 बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका था।गिरफ्तारी से पहले वह दिल्ली-हरियाणा पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द था। दिल्ली के अलीपुर का रहने वाला गोगी 30 जुलाई 2016 की सुबह बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था। तब हरियाणा रोडवेज की बस से नरवाना कोर्ट में पेशी पर ले जाते वक्त बहादुरगढ़ में दो कारों में सवार 10 बदमाशों ने बस को ओवरटेक कर रुकवा लिया था। पहले से ही बस में बैठे कुछ बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंक दी और फायर करते हुए गोगी को छुड़ाकर ले गए थे। गोगी पुलिसवालों के असलहे भी लूट ले गया था। इसके बाद गोगी अपने गुर्गों के साथ दिल्ली और हरियाणा में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने लगा।

फरारी में दिखाई दरिंदगी

हरियाणवी सिंगर और डांसर हर्षिता दहिया की पानीपत में अक्टूबर 2017 में हत्या हुई। हर्षिता के जीजा दिनेश कराला ने गोगी को सुपारी दी थी। नवंबर 2017 में ताजपुर निवासी टीचर दीपक बालियान का स्वरूप नगर में मर्डर हुआ। जनवरी 2018 में अलीपुर के रवि भारद्वाज को 25 गोलियां मार छलनी कर दिया। जून 2018 में बुराड़ी में टिल्लू गैंग से हुई गैंगवॉर में 4 लोग मारे गए और 5 जख्मी हुए। नरेला में अक्टूबर 2019 में आम आदमी पार्टी के नेता वीरेंद्र मान उर्फ कालू को 26 गोलियां मार मौत के घाट उतार दिया। इस साल 19 फरवरी को रोहिणी के कंझावला में आंचल उर्फ पवन की 50 राउंड फायरिंग कर हत्या की।

4 साल पुलिस को चकमा देने के बाद पिछले साल ही पकड़ा गया था

दिल्ली पुलिस ने गोगी के उपर चार लाख और हरियाणा पुलिस ने दो लाख का इनाम रख दिया साथ ही मकोका भी लगाया। लेकिन काफी जड़ोजहाद के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले साल 3 मार्च को तीन गुर्गों समेत गोगी को गुड़गांव से दबोच लिया। सेल ने अपने एके-47 से लैस स्वॉट स्क्वॉड के साथ घेरा डाला तो गोगी ने एनकाउंटर के डर से खुद सरेंडर करने का वीडियो वायरल कर दिया। जानकार बताते हैं कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता तो गोगी समेत चारों बदमाशों का एनकाउंटर तय था। गोगी के साथ उसके कुख्यात शार्पशूटर कुलदीप मान उर्फ फज्जा, रोहित उर्फ मोई और कपिल उर्फ गौरव भी हत्थे चढ़ गए। इन सभी पर मिलाकर 10 लाख 50 हजार का इनाम था।

गैंगवार करते- करते गैंगवार में गंवा दी जिंदगी
एक समय था कि दोनों एक दूसरे के बिना एक घंटा भी नहीं रह पाते थे।
कभी जिगरी यार रहे गैंगस्टर गोगी और टिल्लू ताजपुरिया के बीच दुश्मनी 2010 में बाहरी दिल्ली के एक कॉलेज छात्र संघ चुनाव से शुरू हुई, जो गैंगवार में तब्दील हो गई। इस खूनी खेल में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोग दोनों ओर से मारे जा चुके हैं। कुख्यात गैंगस्टर नीतू दाबोदिया 2013 में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। खुद को दिल्ली का डॉन कहने वाला नीरज बवानिया भी जेल चला गया। इसके बाद गोगी और टिल्लू के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई। करीब 7 साल से आउटर, रोहिणी, नॉर्थ वेस्ट, आउटर नॉर्थ जिले दोनों की गैंगवॉर का दंश झेल रहे हैं। टिल्लू भी तिहाड़ से ही गैंग ऑपरेट कर रहा है। अब जितेंद्र गोगी भी गैंगवार में मारा गया है और इसके पीछे टिल्लू ताजपुरिया गैंग को ही माना जा रहा था।

Posted by : Team India Advocacy

 219 total views,  1 views today